संक्षेप

शॉर्ट्स

प्रदेश01 / 04
श्रवण बाधित प्रतिभागियों के मध्यस्थता प्रशिक्षण का दृश्य

भारत का पहला भौतिक 40-घंटे साइन मध्यस्थता कोर्स

14 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने श्रवण बाधित पेशेवरों और सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर्स के लिए भारत का प्रथम भौतिक 40-घंटे मध्यस्थता प्रशिक्षण इंदौर में शुरू किया। पाँच दिन; जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इंदौर और उच्चतम न्यायालय एमसीपीसी। शुभारंभ न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला। समता इसे प्रारंभ मानता है, उत्तीर्ण सूची नहीं।

  • 40 घंटे, पाँच दिन; एमसीपीसी प्रशिक्षक अनुजा सक्सेना, रीमा भंडारी।
  • सीपीसी धारा 89 और मध्यस्थ नैतिकता पाठ्यक्रम में हैं।
पूरी खबर
प्रदेश02 / 04
सफेद तिल के दानों की पास से ली गई तस्वीर

तिल, गुड़ और हाथ का काम: मुरैना गजक

GI जर्नल भुने तिल, चाशनी और लकड़ी के हथौड़े से आकार देने की प्रक्रिया दर्ज करता है। मुरैना की गजक को मिली पहचान के मूल दस्तावेज़ में क्या है?

  • मुरैना गजक का GI प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2023 का है।
  • जर्नल में तिल भूनने, चाशनी मिलाने और मिश्रण को पीटकर आकार देने की प्रक्रिया दर्ज है।
पूरी खबर
प्रदेश03 / 04
उज्जैन रामघाट पर महाकाल सांस्कृतिक प्रस्तुति का विज्ञप्ति चित्र

लोढ़ा, भवानी शास्त्री; इतिहास के पृष्ठों से

17 सितंबर 2026, 22:57। सेवा संकल्प, रामघाट, उज्जैन। महाकाल सांस्कृतिक प्रस्तुति; श्री शैलेश लोढ़ा का कथावाचन; श्री भवानी शास्त्री के नेतृत्व में भजन। पुस्तक ‘इतिहास के पृष्ठों से’ का विमोचन—महाकालेश्वर मंदिर के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्त्व की शीट। आशीर्वाद का दीया: आतिशबाजी, लाइट शो, फायर शो। रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों की जगमगाहट—इसी शाम का फ्रेम। शीट “लाखों दीपों” कहती है, गिनती नहीं देती। रौनक 33 लाख नहीं उधार लेती। चित्र रामघाट कार्यक्रम का फ्रेम है, पूरा शिप्रा तट नहीं।

  • कथावाचन, भजन और पुस्तक विमोचन रामघाट की उसी शाम की पंक्ति हैं।
  • लाइट-फायर शो आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम की पंक्ति है, विश्व रिकॉर्ड की रसीद नहीं।
पूरी खबर
प्रदेश04 / 04
मंत्रालय के मूल पहले और बाद वाले कोलाज में देपालपुर की पुरानी डंपसाइट और साफ भूमि

देपालपुर की जमीन को मिली नई शुरुआत

स्वच्छ शहर जोड़ी में देपालपुर ने पुराने ढेर को छांटकर पुनर्चक्रण योग्य माल और आरडीएफ अलग किया; इंदौर ने श्रम, मशीन और अगली कड़ी जोड़ने में साथ दिया।

  • केंद्रीय रिकॉर्ड के अनुसार पांच साल में जमा 1,250 टन पुराने कचरे का उपचार पूरा हुआ और घर-घर संग्रह में चार श्रेणियों की छंटाई लागू हुई।
  • 4.5 टन प्लास्टिक, धातु और कांच अधिकृत पुनर्चक्रकों को गया; 50–60 टन आरडीएफ इंदौर में कतरकर सीमेंट कारखानों तक भेजा गया।
पूरी खबर

खबर शेयर करें

WhatsApp पर भेजें ↗