देपालपुर की पुरानी डंपसाइट का उपचार एक शहर की मशीनों तक सीमित नहीं रहा। 31 अगस्त 2026 की आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार नगर परिषद ने इंदौर नगर निगम के साथ मिलकर पांच वर्षों में जमा 1,250 मीट्रिक टन कचरे को खोला और अलग धाराओं में बांटा। साथ ही घर-घर संग्रह में चार श्रेणियों की छंटाई को नियमित बनाया गया। यहां इंदौर की भूमिका तैयार मॉडल दिखाने के साथ श्रम, भारी मशीन और निकले पदार्थ के खरीदारों तक कड़ी जोड़ने की थी।

छंटाई के बाद कचरा कहां गया

सरकारी विवरण 500 से अधिक इंदौर के कचरा बीनने वालों और देपालपुर की डंपर, जेसीबी तथा लोडर मशीनों की भागीदारी दर्ज करता है। साइट पर प्लास्टिक, धातु और कांच जैसे 4.5 टन पुनर्चक्रण योग्य पदार्थ निकले और अधिकृत पुनर्चक्रकों को बेचे गए। लगभग 50–60 टन ज्वलनशील आरडीएफ इंदौर के नेप्रा संयंत्र पहुंचा, जहां उसे कतरकर सीमेंट कारखानों में सह-प्रसंस्करण के लिए भेजा गया। इन संख्याओं को कुल 1,250 टन से घटाकर बाकी का अनुमान नहीं लगाना चाहिए; सरकारी नोट शेष अंशों की अलग मात्रा नहीं देता।

जोड़ी कार्यक्रम ने क्या जोड़ा

स्वच्छ शहर जोड़ी की राष्ट्रीय रूपरेखा 27 सितंबर 2025 को शुरू हुई थी। इसमें 72 मार्गदर्शक शहरों और करीब 200 सीखने वाले शहरों ने समझौते कर 100 दिन की कार्ययोजना बनाई। लक्ष्य केवल भ्रमण नहीं, सफाई, छंटाई-परिवहन, ठोस कचरा प्रसंस्करण और उपयोग किए पानी जैसे क्षेत्रों में तय पड़ावों के साथ अभ्यास दोहराना था। देपालपुर इस ढांचे में पुराना कचरा शून्य घोषित करने वाला पहला शहर बताया गया। उपचार के बाद स्थल पर 200 पौधे लगाए गए; खेल और सामुदायिक उपयोग अभी भविष्य की योजना हैं, पूरा सार्वजनिक मैदान नहीं। यह भेद जरूरी है: कचरा हटाने की पुष्टि हो चुकी है, नए भू-उपयोग को अभी प्रस्ताव की तरह ही पढ़ना चाहिए।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय रिकॉर्ड के अनुसार पांच साल में जमा 1,250 टन पुराने कचरे का उपचार पूरा हुआ और घर-घर संग्रह में चार श्रेणियों की छंटाई लागू हुई।
  • 4.5 टन प्लास्टिक, धातु और कांच अधिकृत पुनर्चक्रकों को गया; 50–60 टन आरडीएफ इंदौर में कतरकर सीमेंट कारखानों तक भेजा गया।
  • यह काम 2025 में शुरू 100-दिवसीय स्वच्छ शहर जोड़ी ढांचे में इंदौर को मार्गदर्शक और देपालपुर को सीखने वाला नगर बनाकर हुआ।

स्रोत और संदर्भ

  1. Press Information Bureau, Ministry of Housing & Urban Affairs · Mission Zero: Depalpur Triumphs in Tackling Legacy Waste ↗31 अगस्त 2026
  2. Press Information Bureau, Ministry of Housing & Urban Affairs · Swachh Shehar Jodi ↗27 सितंबर 2025

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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