मुरैना की गजक में तिल और गुड़ का मेल केवल सामग्री की सूची नहीं है। भूनने, चाशनी बनाने और गरम मिश्रण को आकार देने का काम उसकी बनावट से जुड़ा है। भौगोलिक संकेतक, यानी GI, के आधिकारिक जर्नल में इस मेहनत का क्रम दर्ज मिलता है।
मुरैना गजक का आवेदन संख्या 681 वाला रिकॉर्ड बताता है कि प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2023 को मिला। आवेदक मुरैना गजक निर्माता एसोसिएशन है। APEDA की मध्यप्रदेश उत्पाद सूची भी इस पंजीकरण को दर्ज करती है। सितंबर 2026 में देखे गए रिकॉर्ड में वैधता 29 दिसंबर 2029 तक है।
भुने तिल से पतली पत्ती तक
30 सितंबर 2022 के GI जर्नल में तिल को मध्यम आंच पर भूनने का वर्णन है। उसके बाद कड़ाही में चाशनी तैयार होती है और मिश्रण बनाने का चरण आता है। लकड़ी के हथौड़े से उसे पीटकर फैलाना दर्ज प्रक्रिया की खास बातों में है। तैयार गजक के पीछे इस तरह भट्टी और कड़ाही के साथ हाथ का काम भी मौजूद है।
दस्तावेज़ में पत्ती का आकार और मोटाई भी दर्ज हैं। सामान्य मोटाई 0.6–0.8 सेंटीमीटर बताई गई है। 250 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के डिब्बों का उल्लेख मिलता है। ये मूल विनिर्देश हैं; बाजार के हर वर्तमान पैक को देखे बिना उसके आकार या निर्माण के बारे में यही दावा नहीं किया जा सकता।
GI रिकॉर्ड पढ़ने का तरीका
रजिस्ट्री के विवरण पृष्ठ पर आवेदन, पंजीकरण और उससे जुड़े दस्तावेज़ साथ मिलते हैं। किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध नाम के पीछे दर्ज सामग्री और प्रक्रिया को जानने के लिए यह उपयोगी जगह है। निर्माता या अधिकृत उपयोगकर्ता की पहचान जांचते समय इसी रिकॉर्ड और उसकी अलग उपयोगकर्ता सूची को देखना चाहिए।
APEDA का पृष्ठ इसे प्रदेश के GI उत्पादों में रखता है। उस सूची का काम पहचान का परिचय देना है; उसमें किसी खास निर्यात खेप की मात्रा या बिक्री का आंकड़ा नहीं है। इस लेख का केंद्र दस्तावेज़ में दर्ज गजक और कारीगरी है। तिल भूनने से लेकर पत्ती बनाने तक का क्रम बताता है कि स्थानीय स्वाद का परिचय केवल नाम से कहीं अधिक विस्तृत हो सकता है।
मुख्य बातें
- मुरैना गजक का GI प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2023 का है।
- जर्नल में तिल भूनने, चाशनी मिलाने और मिश्रण को पीटकर आकार देने की प्रक्रिया दर्ज है।
- रजिस्ट्री में आवेदन संख्या 681 और निर्माता एसोसिएशन की जानकारी देखी जा सकती है।
स्रोत और संदर्भ
- Geographical Indications Registry, Intellectual Property India · Application Details 681 — Morena Gajak ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- Geographical Indications Registry · GI Journal No. 163 — Morena Gajak, pages 42 onward ↗30 सितंबर 2022
- APEDA · Madhya Pradesh GI products ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



